Core Web Vitals Kya Hai? Google का नया Ranking Factor 2021

Google Core Web Vitals Kya Hai

Core Web Vitals Kya Hai जिसे Google Page Experience Update 2021 भी कहा जा रहा है?

Google ने पूष्टि की है की Core Web Vitals 2021 May से web page ranking factors का हिस्सा होगा|

जिसका मतलब यह है की अब आपको page speed experience को निश्चित तौर पर optimize करना होगा जिससे user को अच्छा experience प्राप्त हो सके|

क्या आपने Core Web Vitals update या Google Page Experience Update 2021 के बारे में पहले सुना है?

अगर हाँ तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन नही सुना तो कोई परेशानी नही है|

बहुत से website owners अभी तक यह नही जानते हैं की Core Web Vitals Kya Hai?

Screamming Frog द्वारा 20,000 url पर किये गये शोध में यह पता चला की केवल 12% mobile और 13% desktop search result ने core web vitals criteria को पास किया|

जिसका मतलब यह है की website owners को एक बेहतर page speed experience प्रदान करने के लिए बहुत लम्बा रास्ता तय करना पड़ेगा|

इसलिए हमने Google Core Web Vitals ranking factor के बारे में जितने भी प्रश्न हैं उन सभी को हल करने के लिए ये article आपके लिए लिखा है|

Google के अनुसार Web Vitals एक user experience signal है है जो web page की quality का विश्लेषण करता है|

यह एक एकीकृत गाइड है जिसे webmasters एक बेंचमार्क के रूप में रख सकते हैं| यह काफी हद तक माना जाता है की Web Vitals-friendly sites user को बेहतर page experience देती है|

Core Web Vitals Kya Hai?

2021 में Google web page को search result में high ranking देने के लिए अन्य ranking factors के साथ आपके web page के Core Web Vitals के score की भी जांच करेगा|

जिसका मतलब यह है की Google के 200+ ranking factors लिस्ट में एक और ranking factor जुड़ने वाला है|

अच्छी बात यह है की Google ने इस नये ranking signal के बारे में बता दिया है और आप समय से पहले अपनी website को optimize कर सकते हैं|

अब तक, आप पहले से ही सोच रहे होंगे की नया ranking factor क्या है और अपनी website के लिए आप उचित core web vitals score कैसे प्राप्त कर सकते हैं|

लेकिन इससे पहले में आपको एक बात साफ़ कर दें चाहता हूँ की Core Web Vitals page experience metrics का एक set है जो page loading speed, interactivity और सबसे ज्यादा जरूरी visual stability को analyze करता है|

Core Web Vitals (Google Page Experience Update 2021)

इस कारण Google एक page द्वारा प्रदान किये गए user experience को जानने के लिए इनमे से हर एक signal को analyze करेगा|

Core Web Vitals Metrics कौन से हैं?

1. Largest Contentful Paint (LCP)

Largest Contentful Paint LCP

LCP एक page पर मौजूद सबसे बड़े content piece को दर्शाता है| यह एक video या image होती है जो page loading के समय screen पर प्रदर्शित होने में अधिकतम समय लेता है|

Google के अनुसार, आपके web page का Largest Contentful Paint 2.5 seconds से कम होना चाहिए|

किसी भी page का loading अगर 4 seconds से ज्तादा हो तो use अच्छा नही मन जाता और यह 2021 में आने वाले नये ranking signals को प्रभावित कर सकता है|

2. First Input Display (FID)

First Input Display FID

First Input Display web page के साथ user की interactivity पर ज्यादा केन्द्रित है| FID उस data को collect करता है की user किस तरह से आपके web page के साथ interact करता है|

आपके web page का ideal FID score 100ms से कम होना चाहिए|

3. Cumulative Layout Shift (CLS)

Cumulative Layout Shift

CLS Core Web Vitals का सबसे महतवपूर्ण पहलु है, और ये web page की stability से सम्बंधित है|

Google web page की visual stability को बेहद जरूरी usability factor मानता है|

Web page के design elements में किसी तरह का बदलाव होना user को confuse कर सकता है| यह user को बहुत परेशान करता है और Google अब चाहता है की ऐसे page की search result ranking down की जाये|

Web page loading के दौरान होने वाले किसी भी तरह की layout shift, खासतौर से viewport की स्थिति में परिवर्तन के कारण, CLS score कम हो जाता है|

Web page का ideal CLS score 0.1 से कम होना चाहिए|              

अन्य Google Page Experience Metrics क्या हैं?

Google मुख्य रूप से नये Core Web Vitals पर नई metrics का निर्माण कर रहा है, जो की इस साल की शुरुआत में Google ने launch की थी|

Google Page Experience Metric का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है की Google के users को mobile friendly, secure और बेहतर browsing experience मिले|

चलिए हर एक अन्य page experience metric element के बारे में जानते हैं……

Core Web Vitals (Google Page Experience Update 2021)

Mobile-Friendly Site

Google पहले से ही उन websites को ज्यादा एहमियत देता आया है जो mobile-friendly या responsive होती हैं|

ऐसा इस लिए है क्यूंकि दुनिया में mobile user बहुत ज्यादा बढ़ गये हैं तथा लोग desktop के बजाये mobile पर ज्यादा browsing करते हैं और content consume करना पसंद करते हैं|

Statista द्वारा की गयी research से पता चलता है की 2020 में दुनिया में 3.5 billion smartphone users हैं, और जिनकी संख्या 2021 में 3.8 billion तक बढ़ सकती है|

इसलिए यह कहना उचित होगा की अगर आपकी website mobile-friendly नही होती है तो आप mobile users तक नही पहुँच सकेंगे जिससे आपकी website पर traffic नही आयेगा|

इससे यह साफ समझ आता है की Google केवल यह चाहता है की वो user को उन्ही sites को show करे जो mobile-friendly है|

Safe Browsing

Google security और अपने search result से संभावित रूप से harmful sites को बाहर निकलने पर बहुत ज़ोर देता है|

इसलिए, यदि top search result user को पहुंचाते हैं, तो यह Google पर बिलकुल भी अच्छा नही लगेगा|

इसलिए आने वाले page experience metric में Google बहुत ही ज्यादा सख्ती से इस बात की जाँच करेगा की किसी website पर कोई malicious या deceptive content तो नही है जैसे की malware, spyware, social engineering scams और गलत जानकारी|

अगर आप जानना चाहतें हैं की यह कैसे काम करता है तो Google’s Security Report पढ़ सकते हैं|

HTTPS

Google एक Secure Socket Layer(SSL) के साथ secure sites को भी प्राथमिकता देता है|

SSL certificate का काम user और server के बीच travel करने वाले किसी भी प्रकार के data को encrpyt करना है| ताकि अगर किसी भी प्रकार का साइबर हमला होता है तो hackers को data की जानकरी प्राप्त ना हो सके|

अगर आप chrome browser का उपयोग करते हैं तो आपने देखा होगा की कभी हमे सुरक्षा चेतावनी के साथ सुझाव आया होगा की “Connection Is Not Secure”. ऐसा इस कारण होता है की उस website में SSL certificate नही होता है|

No Intrusive Interstitial

Google उन sites पर penalty लगता है जो user को content तक पहुँचने से रोकते हैं जिसे वो देखना चाहते हैं|

इसमें pop-ups शामिल हैं| यह pop-ups web page के खुलते ही screen पर आना शुरू कर देते हैं, कुछ pop-ups आसानी से delete भी नही होते हैं और लगातार आपके सामने आते रहते हैं जिससे आपको content consume करने के दिक्कत होती है|

हालांकि, यदि आपकी site disclaimers, cookie usage information, age-sensitive content confirmation, login dialogs और newsletter जैसे pop-up दिखाती है तो इससे किसी भी प्रकार का नुक्सान नही होता है| 

Core Web Vitals क्यों जरूरी है?

Core Web Vitals ranking signal को announce करने के बाद Google ने यह कहा है की वह उन user की संतुष्टि के बारे में चिंतित है जो search result में web pages को visit करते हैं|

इसका मतलब है, 2021 में high quality content और अनगिनत backlinks के बावजूद, कोई site search result पर पहले page पर rank नही कर सकती अगर उसका user page experience बेहतर नहीं है|

Core Web Vitals Test करने का Google का object-based दृष्टिकोण वर्तमान में उपयोग किये गये सभी metrics की तुलना में कुशल है|

यहां Google प्रत्येक object element के लिए एक विशिष्ट score प्रदान करता है – LCP, FID, CLS.

एक संयुक्त score के साथ, जहाँ हर एक element का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है, Google यह तय करता है कि page experience अच्छा है या बुरा|

Mobile और Desktop के लिए Core Web Vitals Test कैसे करें?

Mobile और desktop पर website का Core Web Vitals score चेक करने के 4 तरीके हैं|

लेकिन score करने से पहले कुछ बातों का आपको पता होना चाहिए!

Mobile और Desktop के लिए Core Web Vitals score अलग होता है|

लेकिन tension ना लें, हम आपको सभी तरीकों के बारे में बताएंगे जिनसे आप website का Web Vitals scoreचेक कर सकते हैं और अपनी site optimize कर सकते

Check Core Web Vitals Using Lighthouse

1. अपनी site browser में open करें|

2. Select Developer Option

3. Lighthouse Tab पर click करें|

Core Web Vitals Lighthouse 1

4. Mobile और desktop दोनों पर बारी-बारी click करें

Core Web Vitals Lighthouse 2

5. Generate Reports पर click करे और performance देखें

Core Web Vitals Lighthouse

Check Core Web Vitals Using PageSpeed Insights

PageSpeed Insights द्वारा दिखाए गये data आमतौर पर 28 दिनों से ज्यादा collect किये गये real users के field data पर आधारित होते हैं|

Page Speed Insights Tool

2. Website URL डाल कर analyze पर click करें|

Page Speed Insights 2

3. Mobile और Desktop दोनों पर click करें|

4. नीचे दिए गये Field Data के द्वारा result देखे|  

Page Speed Insights Report

Check Core Web Vitals Using Web Vitals Chrome Extension

1. Google में Web Vitals Extension type कर के enter करें|

2. Core Web Vitals Chrome Extension पर click करे या इस लिंक पर click करे

3. Add to chrome button पर click करे और extension आपके browser में add हो जाएगी|

4. अपनी website को open करे और उपर इस Web Vitals Extension के button पर click करे आपको site का Core Web Vitals score दिख जायेगा|

Check Core Web Vitals Using Google Search Console

इन Google tools के अलावा, Google Search Console page performance के बारे में बहुत अच्छी जानकरी प्रदान करता है|

हाल ही में, Google ने search console में enhancement feature के रूप में Core Web Vitals को जोड़ा, जो अब दिखाता है की site के अंदर सभी page Web Vitals के अनुरूप है या नही|

Google Webmaster Tool में Core Web Vitals score जानने के लिए इन steps को follow करें:

1. Google Search Console dashboard पर click करें|

2. Enhancement tab में Core Web Vitals पर click करें|

3. Mobile और Desktop device के लिए score check करें|

4. Issue देखने के लिए report open करे|

Core Web Vitals Score कैसे Improve करें?

क्या अब यह सोच रहे हैं की website को Core Web Vitals के अनुरूप optimize करना एक developer का काम है?

इसका मतलब यह होता है की अब SEO का कोई योगदान नही होगा website की ranking में क्यूंकि सभी काम तो developer द्वारा ही किये जायेंगे|

लेकिन ऐसा नही है!

बदलते समय के साथ Search Engine Optimization और Technical ज्ञान का तालमेल होना बहुत जरूरी है|

यदि आपको coding नही आती है तो आपको यह जानने का प्रयास करना चाहिए की site की speed और user experience को आप कैसे बेहतर बनाएंगे|

Caching plugin install करना, CSS और Javascript को minimize करने से website को speed-up करने में मदद मिल सकती है और ये कुछ सुधर तो नौसिखिया SEO करने वाला भी कर सकता है|

लेकिन क्या यह सब Web Vitals को बेहतर बना सकते हैं?

इसका प्रश्न का उत्तर हाँ और ना दोनों ही हैं|

इसका कारण यह है की कुछ चीज़ों को सुधर करने में सफलता मिल सकती हैं लेकिन जब बात core web vitals में सुधार करने की आती है तो इसका प्रभाव कम हो जाता है|

तो अब क्या करें?

नीचे हमने कुछ सुझाव दिए हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं:

Optimize Images

खराब page experience के मुख्य कारणों में से एक है images का ज्यादा loading time जो browser द्वारा page load के समय प्रस्तुत किया जाता है|

बेहतर image optimization site को speed बढ़ाएगा और आपको सही web vitals score हासिल करने में मदद करेगा|

Images को optimize करने के लिए कुछ अहम तरीके हैं:

Use CDN (Content Delivery Network)

अगर आपके website heavy images हैं तो आपका server user को content deliver करते समय ज्यादा समय लेगा|

यह user अन्य और संसाधन भी प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ता को पुरे page को load होने के लिए लम्बा इंतज़ार करना पड़ता है|

परन्तु image CDN servers का उपयोग करके, आप server loading time को कम कर सकते हैं क्यूंकि user को उसके सबसे नजदीक server location से ही content deliver किया जायेगा|

वतर्मान में, AWS और Cloudflare बाज़ार में best image CDN प्रदान करने वाले platforms हैं|

WebP

कभी आपने images के लिए WebP format का उपयोग करने की कोशिश की है?

यह एक Google द्वारा approve image format है जो JPEG की तुलना में image का size कम-से-कम 36% कम कर देता है|

आज कल जितने भी modern-day CDN हैं वह WebP format में images को deliver करते हैं क्यूंकि यह आमतौर पर PNG की तुलना में 3* छोटी file आकर प्रदान करते हैं|

LazyLoad

LazyLoad बहुत समय से उपयोग किया जा रहा है और यह page के loading speed को कम करने के लिए एक आजमी हुई और परखी हुई रणनीति है|

हमने पाया है की lazyloading images web vitals score में सुधार करेंगी क्यूंकि server एक साथ सभी images को load नही करेगा|

LazyLoad enable होने के साथ, जब user web page को open करता है को केवल शुरुआत की images को ही load करके user को दिखाया जाता है जिससे user को एक सहज page experience मिलता है|

बाकि images तभी load होती हैं जब user उस image तक पहुँचता है|

Optimize CSS & Javascript

GZIP Compression

जब आप GZIP compression को enable करते हैं तो यह resources size को बहुत हद तक कम कर देता है और resources को download करने का time भी कम कर देता है|

अधिकतर websites के लिए GZIP compression करना एक standard या criteria बन गया है|

Minify Resources (CSS/Javascript)

Minification आपकी website में CSS और Javascript फाइलों से अनावश्यक data हटाने की एक प्रक्रिया है|

यह website और bandwidth पर load time को कम करने के लिए किया जाता है|

HTML, CSS और Javascript files को minify करने के लिए commnets और extra space को हटाना जरूरी होता है, जो की plugins के मदद से किया जा सकता है|

WP Rocket इस काम के लिए सबसे best plugin है|

Combine CSS & Javascript

जब आप CSS और Javascript files को जोड़ते हैं तो यह number of request को कम कर देता है और rendering speed को बढ़ा देता है|

उदहारण के लिए, आपका page 5 external CSS और Javascript files को load कर रहा है, अगर आप CSS और Javascript files को combine कर देते हैं तो 8 files कम load होंगी|

इसके अलावा, CSS files सभी render-blocking होती हैं, मतलब जितनी अधिक CSS files होंगी उतनी ज्यादा संभावना है की page की loading में मुश्किल कर सकती हैं|

Javascript files भी अनुचित तरीके से स्थगित किये जाने पर आपके page को loading करने में बाधा खड़ी कर सकती हैं|

Reduce Render Blocking

Slow page speed अक्सर website में Javascript और CSS के ज्यादा इस्तेमाल का कारण है|

Render-blocking scripts को खत्म करने से पहले आपको यह पहचानने की जरूरत है कि कौन-सी scripts समस्या का कारण बन रही है|

आप Page Speed Insights tool का इस्तेमाल कर यह analyze कर सकते हैं की कौन सी script site को धीमा कर रही है|

Deliver Javascript & CSS Using CDN

जब तक आप CDN का उपयोग नही करते, तब आप आपकी CSS और Javascript files server bandwidth के माध्यम से load होती हैं|

बिना CDN के server load time को कम किया तो जा सकता है लेकिन सिर्फ कुछ हद तक|

पर हमने इस बात को analyze किया है की जो websites Javascript और CSS को CDN के माध्यम से transfer करते हैं उनका server load बहुत कम होता और website तेज़ी से render होती है|

Optimize Fonts

Custom fonts आपकी site वास्तव में आकर्षक बना सकते हैं, लेकिन इन fonts के render होने के कारण server load बढ़ा देता है जिसे आपकी website slow हो जाती है| 

इस समस्या को ठीक करने के लिए, सुनिश्चित करें की अपना CDN font rendering को override कर दे|

ऐसा करने से आपका CDN render text को swap कर के original text को दिखाता है क्यूंकि यह CSS द्वारा load होता है|

Embed Codes

Embedded images और videos website की speed को slow कर सकते हैं| Google इस समस्या को दूर करने के लिए LazyLoad का उपयोग करने के लिए recommend करता है, जिसका मतलब यह है की images तभी load होंगी जब user किसी image या video तक पहुंचेगा|

इस तकनीक का इस्तेमाल करने से Lighthouse में 70% तक performance में सुधार हुआ है|

निष्कर्ष

Core Web Vitals आपको एक मुश्किल concept की तरह लग सकता है लेकिन website के लिए perfect Core Web Vitals SEO करना कोई मुश्किल कार्य नही है|

अगर आप अपनी website के user page experience में सुधार नही करते हैं तो लोग आपकी website को छोड़ आपके competitor की website पर चले जायेंगे|

क्यूंकि Core Web Vitals  Update अब एक ranking factor के रूप में काम करेगा इसलिए आपकी website की speed अगर Core Web Vitals criteria को पास नही करती है तो आपकी ranking down हो सकती है|

Google Page Experience Upadte 2021 May में लागु होगी सलिए आपके पास तब तक का time आप अपनी website को optimize कर सकते हैं|

तो दोस्तों ये था हमारा आज का टॉपिक Core Web Vitals Kya Hai? हम आशा करते हैं की आपको यह article अच्छे से समझ में आ गया होगा|

अगर आपको यह article informative लगा हो तो अपने उन दोस्तों के साथ भी share जो blogging में नये हैं ताकि उन्हें इस update के बारे जानकरी प्राप्त हो सके|

धन्यवाद|                      

Vijay Kumar

CashFlow INDIA की स्थापना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Vijay Kumar ने की है। अपने दो ऑनलाइन और दो ऑफ़लाइन व्यवसायों के साथ असफल होने के बाद, उन्होंने रास्ते में सीखे गए सबक सिखाने के लिए CashFlow INDIA बनाया। CashFlow INDIA को लॉन्च करने के बाद से, Vijay ने जल्द ही रणनीतियों को प्रकाशित करके खुद के लिए एक नाम बना लिया, जिसका उपयोग मार्केटर अपने ऑनलाइन व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। CashFlow INDIA अब सबसे लोकप्रिय हिन्दी ब्लॉगों में से एक है।

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