Intraday Trading Kya Hai-Intraday Trading in Hindi ?

Intraday Trading kya Hai

क्या आप जानते है कि Intraday trading kya hai(what is intraday trading in hindi) अगर आप नही जानते तो आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बतायेंगे की intraday trading क्या होती है तो चलिए शुरू करते है –

Intraday trading meaning – अगर मे आपको एक साधारण – सी भाषा मे बताऊ तो intraday ट्रेडिंग  एक ही दिन मे शेयर्स को खरीद कर उन्हें बेच देना intraday ट्रेडिंग कहलाती है | Stock market मे एक दिन या कुछ घंटो के लिए ट्रेडिंग सेक्शन के लिए पैसे लगाने को intraday ट्रेडिंग कहते है उदारण के लिए जैसे अगर आपने बाज़ार खुलते समय आपने एक शेयर मे पैसा लगाया और और आपको मनचाह मुनाफा मिल रहा है तो आप उसी समय शेयर खरीद कर बेच भी सकते है | लेकिन intraday ट्रेडिंग मे आपको शेयर उसी दिन खरीद कर बेचने पड़ते है नही तो शेयर मार्किट सेल ऑफ हो जाने पर आपके शेयर्स लोस हो जायगे | इटरा-डे ट्रेडिंग : ऐसी ट्रेडिंग होती है जो की एक दिन के अंदर ही पुरे कर लिए जाते है वो इंट्रा डे ट्रेडिंग कहलाती है | इंट्रा डे ट्रेडिंग मे स्टॉक को उसी दिन खरीद कर उसी दिन बेचने का कार्य किया जाता है |

Intraday ट्रेडिंग मे अक्सर ऐसा होता है कि सुबह आपने पैसा लगाया और शाम को आपको अपने लाभ हानि का पता लग जाता है | Intraday ट्रेडिंग का मकसद एक दिन मे होने वाली ट्रेडिंग की बढत से पैसा कमाना होता है | लेकिन intraday ट्रेडिंग मे जरुरी नही है कि आपको इससे फायदा ही हो इसमें आपको कभी नुकशान तो कभी लाभ प्राप्त हो सकता है | intraday ट्रेडिंग के लिए सबसे पहले आपको demat अकाउंट ओपन करना पड़ता है |

intraday ट्रेडिंग के लिए demat अकाउंट ओपन करने की प्रोसेस –

Demat account ओपन करना अब काफी आसान हो गया है demat अकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया  दो प्रकार की है एक है ऑनलाइन प्रोसेस द्वारा तथा दूसरी ऑफलाइन प्रक्रिया द्वारा भी demat अकाउंट ओपन  कर सकते है | बस आपको demat अकाउंट के लिए कुछ जरुरी डाक्यूमेंट्स स्टॉक ब्रोकर को जमा करवाने होते है ये डाक्यूमेंट्स है जैसे – पैन कार्ड , राशन कार्ड , पता प्रमाण , पासपोर्ट , आधार कार्ड , ड्राइविंग लाइसेंस ,बैंक स्टेटमेंट , बिजली बिल , वोटर आईडी ,रेंटल अग्रीमेंट , कॉलेज आईडी , पासपोर्ट साइज़ फोटो आदि |

ऑफलाइन प्रक्रिया की प्रोसेस –

ऑफलाइन प्रक्रिया मे स्टॉक ब्रोकर से demat अकाउंट फॉर्म की सारी बुनियादी जानकारी फिल कर के आवेदक के साइन दर्ज करने होंगे इसके  आलावा आपको सारे डॉक्यूमेंट वेरीफाई करने होंगे इसके आलावा अकाउंट ओपन करने का शुल्क देना होगा जो की एक समय लागत है | एक बार स्टॉक ब्रोकर द्वारा आपके दस्तावेजो को वेरीफाई कर देने बाद आपको मेल या whatsapp  या skype द्वारा एक ऑनलाइन कॉल के माध्यम से एक अधिकृत व्यक्ति द्वारा वेरीफाई किया जायेगा |

ऑनलाइन प्रोसेस -

इस प्रक्रिया के  द्वारा स्टॉक ब्रोकर द्वारा एक demat अकाउंट नंबर दिया जायेगा जो आपके अकाउंट की पहचान के लिए आवश्यक पहचान होगी |

ऑनलाइन demat अकाउंट खोलने के लिए आपको एक स्टॉक ब्रोकर की वेब साइट पर विजिट करना होगा और “ओपन अ demat अकाउंट “ बटन पर क्लिक करना  होगा नई विंडो खुलने के बाद आपको बुनियादी जानकारी जैसे name ,पता, मोबाइल नंबर, आदि फिल करनी होगी इसके बाद आप अगली प्रक्रिया को दर्ज कर के अपने सभी जरुरी दस्तावेज को स्कैन कर के एक एक कॉपी अपलोड करनी होगी और आप सेगमेंट का चुनाव करे जिसमे आप ट्रैड करना चाहते है और खाता खुलने का शुल्क सबमिट करे | वेरीफाई प्रक्रिया के बाद ही आपको अपने रजिस्टर ईमेल आईडी पर लॉग इन आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा |

Intraday ट्रेडिंग कैसे शुरू करे – How to Start Day Trading

अगर आप इंट्रा डे ट्रेडिंग शुरू करने की सोच रहे हो तो इसके लिए सबसे पहले तो आपको किसी ट्रेडिंग फर्म मे रजिस्टर करना होगा | ट्रेडिंग फर्म मे  रजिस्टर बगेरह की FORMALITIES आप ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरीके से पूरी कर सकते है |  आप किसी भी ट्रेडिंग फर्म से अपना demat अकाउंट खुलवा सकते हो और आप इसी अकाउंट के जरिये अपने शेयर्स को खरीद और बेच सकते है | intraday ट्रेडिंग मे शेयर को एक ही दिन मे खरीद कर उन्हें बेचना होता है तथा इसमें कम पैसो से ज्यादा मुनाफा कमाना होता है |

intraday डे ट्रेडिंग वैसे तो थोडा रिस्की काम है क्युकी इसमें कोई पता नही होता की जो शेयर अपने उस दिन खरीदे है उस दिन उनके दाम बढ़ेगे या कम होंगे | इसलिए intraday ट्रेडिंग करने वाले ज्यादातर लोग फुल टाइम इन्वेस्टर होते है जो हर टाइम मॉनिटर पर निगाह रख कर शेयर्स के प्राइज को प्रेडिक्ट करने की कोशिश करते है | आपको intraday ट्रेडिंग के लिए सबसे पहले कुछ बेसिक बातो का ध्यान रखना होगा जिनके बारे मे नीचे चर्चा की है –

शुरूआती Intraday ट्रेडिंग सुझाब - Intraday Trading for Beginners

intraday ट्रेडिंग के लिए आपको सबसे पहले ट्रेडिंग प्लानिंग करनी चाहिए, उसके बाद ही ट्रेडिंग करना शुरू करनी चाहिए | intraday ट्रेडिंग के लिए प्लान के तय हो जाने पर अपनी योजना पर अभ्यास शुरू कर सकते है | आपके प्रतेक ट्रेडिंग सेक्शन की शुरुआत से पहले एक योजना होनी चाहिए तथा साथ मे ट्रेडिंग से होने वाले प्रॉफिट और लोस का पूरा हिसाब रखना चाहिए जिससे आपको पता चल सखे की आपके लिए कोन  सी रणनीति सबसे अच्छी है | इसके आलावा आपके ट्रेडिंग प्लान मे अपने टारगेट प्राइज और स्टॉप-लोंस बगेरह निधारित करना चाहिए |

इसके आलावा intraday ट्रेडिंग के लिए आपको बहुत अधिक अनुशासन और धेर्य की जरुरत होती है और ट्रेडिंग प्लान बनाना और उसका पालन करना उस अनुशासन का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है |    

अगर आप intraday trading करना चाहते हैं तो नीचे हमने कुछ intraday trading rules और intraday trading strategies बताई हैं जिनका पालन करके आप intraday trading शुरू कर सकते हैं |

• वर्तमान मार्किट ट्रेंड के अनुसार ट्रेडिंग करना

intraday ट्रेडिंग मे ट्रेडर्स मे तेजी से बदलाब होते रहते है और इन बदलावों को ध्यान मे रख कर ही ट्रेडिंग करनी चाहिए | क्युकी intraday ट्रेडिंग जो होती है ये बिलकुल ही पानी की लहरों की तरह होती है यह समय –समय पर ऊपर और नीचे होती रहती है | इसलिए एक intraday ट्रेडर के लिए वर्तमान मार्किट के ट्रैड के  अनुसार ट्रेडिंग करना बेहद महत्त्वपूर्ण है |

intraday ट्रेडिंग मे तेजी से उतार चढ़ाव होते रहते है और इन उतार चढाव के नियमो का पालन करना चाहिए |

• भावनाओ को ट्रेडिंग मे शामिल न करे |

intraday ट्रेडिंग मे सबसे अहम नियम ये है कि एक ट्रेडर को हमेशा अपनी भावनाओ को नियन्त्र मे रखना चाहिए क्युकी अगर आप ट्रेडिंग मे ज्यादा भावुक हो जाओगे तो आपकी ट्रेडिंग पर गलत असर पड़ेगा |

इसके आलावा एक intraday ट्रेडिंग के लिए ट्रेडर को हमेशा अपनी भावनाओ को एक तरफ रख कर लाभ और हानि से ज्यादा अधिक प्रभावित नही होना चाहिए | एक intraday ट्रेडिंग के लिए ट्रेडर को हुसेशा अपनी पोजीशन से बाहर निकलने मे पता होना चाहिए | इसके साथ ट्रेडर को धेर्य रखना चाहिए और उसे पुलबैक की प्रतीक्षा करनी चाहिए ताकि आप कम जोखिम के साथ मार्किट मे प्रवेश कर सके और बिना नुकशान के बाहर निकल सके |

• ओवर ट्रेडिंग से बचे |

intraday ट्रेडिंग मे आपको ओवर ट्रेडिंग से बचना चाहिए  क्युकी मार्किट मे कभी ट्रेंड बढ़ते और घटते रहते है और  कम की इस स्थिति मे आपको हमेशा कम निवेश करना चाहिए और मार्किट स्थिर हो जाने तक ट्रेडिंग नही करनी चाहिये | और जब आपको सुनिचित हो जाने पर कि कीमतों की गति की सीमा अधिक हो रही है तो उस टाइम आप सम्भाभित मुनाफे के लिए ट्रेडिंग कर सकते है |

इसके आलावा ट्रेडिंग के लिए ट्रेडर को हमेशा ट्रेडिंग की शुरुआत कम से कम वोलियम रखना चाहिए और एक समय मे कुछ खाश शेयर्स मे ही ट्रेडिंग करनी चाहिये |

• निवेश वाले धन के साथ ही ट्रेडिंग करे |

intraday ट्रेडिंग एक सख्त रस्सी पर चलने के समान है जिसमें intraday ट्रेडिंग को वापिस गिरने से बचाने के लिए एक मजबूत सपोर्ट की जरुरत होती है |  intraday ट्रेडिंग करते समय आपको लापरवाही से हमेशा बचना चाहिए | आपको हमेशा intraday ट्रेडिंग के एक निश्चित  या वो ही धन ट्रेडिंग मे लगाना चाहिए जिसे खोने के लिए आप तैयार हो नही तो ऐसे मे कभी –कभी ऐसा होता है कि ट्रेडिंग के लिए ट्रेडर सफल होने के चक्कर मे बहुत ज्यादा धन निवेश कर लेते और बाद मे उन्हें नुकशान उठाना पड़ता है |

इसलिए एक अनुभवी और  सफल intraday ट्रेडिंग ट्रेडर बनने के लिए आपको सबसे पहले अपने नुकशान के बारे मे पता होना चाहिए |

• स्टॉप लोस का यूज़ करना |

जिस तरह से intraday ट्रेडिंग के लिए  मार्किट मे एंटरी करने के बारे मे आपको जानकारी होती है उसी तरह आपको मार्किट से बाहर निकलने के बारे मे भी पता होना चाहिए | क्युकी अगर आपको intraday ट्रेडिंग के नियमो के बारे मे पता होगा तो ट्रेडिंग से होने वाले नुकशान से अपना बचाव कर सकते है |

स्टॉप लोस किसी एक निधारित सीमा पर घाटे को रोकने मे मदद करता है और यदि कीमत एक लिमिट से आगे बढती है तो यह पोजीशन को कवर करता है | इसलिए ट्रेडिंग के समय स्टॉप लोस फिक्स कर देने से ट्रेडर को अपनी भावनाओ मे आकर निर्णय लेने से दूर रखता है और पूंजी को भी सुरक्षित रखता है | इस तरह से ट्रेडिंग मे भारी नुकशान से बचने के लिए स्टॉप लोस काफी मदद करता है | ट्रेडिंग से बाहर निकलने की रणनीति उतनी ही महत्पूर्ण है जितनी की ट्रेडिंग मे इंटर करने की है |

निष्कर्ष -

फ्रेंड्स , ये था हमारा आर्टिकल intraday trading kya hai इस कंटेंट के बारे मे आपको ये कंटेंट कैसा लगा हमारे कमेंट बॉक्स मे जरुर बताये

धन्यवाद |

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