SENSEX Kya Hai Sensex In Hindi ?

क्या आप जानते है की sensex क्या है (what is sensex in hindi ) आपने sensex शब्द को कही न कही जैसे न्यूज़ पेपर या टीवी , सोशल मीडिया मे सुना ही होंगा कि sensex आज इतना अंक ऊपर या नीचे चला गया लेकिन तब आप इन शब्दों का अर्थ नही समझ पाते है क्युकी आप नही जानते की sensex होता क्या है |

 इसके आलावा sensex के बारे मे जानने की जरुरत आपको  तब पडती है जब आप शेयर बाज़ार मे निवेश करने के बारे मे सोचते  है तो उस समय भी आपके मन मे  येही सवाल आता होंगा कि sensex क्या है और इसका शेयर बाज़ार मे क्या महत्त्व है | sensex सेंसिटिव इंडेक्स का एक संक्षिप्त रूप है और bse का सूचकांक है bse थर्टी शेयर्स पर आधारित होता है

और इन थर्टी शेयर्स की लिस्ट समय –समय पर बदलती रहती है तथा मुंबई शेयर बाज़ार आवश्यकता के अनुसार इस सूचि मे परिवर्तन करता रहता है मगर सूचकांक मे कुल शेयर्स की सख्या थर्टी ही रहती है | sensex की तरह निफ्टी भी nse या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक है और फिफ्टी शेयर्स पर आधारित है |

SENSEX क्या है ?

सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स है | सेंसेक्स को BSE का सेंसेक्स भी कहा जाता है इसे BSE ने सबसे पहले 1986 मे अपनाया गया था और यह 13 विभिन्न क्षेत्रो की तीस कंपनियों के शेयर्स मे होने वाले उतार-चढ़ाव को दिखाता है |

BSE मे फाइव हज़ार से भी ज्यादा कंपनिया लिस्टेड है कोई भी इतनी सारी कंपनिया को एक साथ मॉनिटर नही कर सकता है इसलिए ही इन कंपनिया का सही सूंचकाक प्राप्त करने के उदेश्य से 1986 मे सेंसेक्स की शुरुआत हुई थी सेंसेक्स टर्म को पहली बार स्टॉक मार्किट एनालिस्ट दीपक मोहोनी ने यूज किया था |

सेंसेक्स BSE मे लिस्टेड कंपनिया मे से 30 कम्पनी का मार्किट कैप के हिसाब से इंडेक्स करता है इन थर्टी कंपनिया को चुनने के लिए एक कमेटी होती है इन थर्टी कंपनियों मे से अगर कोई कम्पनी अच्छा प्रदर्शन नही करती है तो उसे इस इंडेक्स से निकाल दिया जाता है |

उसकी जगह पर जो कम्पनी अच्छा प्रदर्शन करती है उसे इसमें शामिल कर लिया जाता है किसी कम्पनी को निकाल कर अन्य कम्पनी को शामिल करने का फेसला इंडेक्स कम्पनी द्वारा लिया जाता है | जब इंडेक्स का निशान हरे रग मे होता है तो बाज़ार अच्छा परफोर्म कर रहा होता है और जब सेंसेक्स लाल निशान मे होता है तो शेयर बाज़ार खराब हालत मे होता है |

आज BSE के इंडेक्स सेंसेक्स की भारत मे ही नही बल्कि विश्व भर मे सबसे प्रमुख इंडेक्स मे गणना होती है | BSE मे लगभग  5000 से जयादा कंपनिया सूचित है |

sensex कैसे बनता है ?

क्या आप जानते है कि sensex बनता कैसे है और ये किन लोगो द्वारा बनाया जाता है तो चलिए अगर आप नही जानते तो आज हम आपको sensex बनने की प्रक्रिया के बारे मे बताते है –

जैसा की आप आप जानते है कि sensex बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है और sensex बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड केवल तीस कंपनियों के शेयर्स के भावो से मिलकर बना हुआ है | जब sensex की गणना की जाती है तो उसमे केवल थर्टी कंपनिया जो की मार्किट मे लिस्टेड है उनके ही शेयर्स को शामिल किया जाता है |

इन थर्टी कंपनियों के शेयर्स के भावो को शामिल करने के पीछे का कारण यह है कि एक तो इन थर्टी कंपनियों के शेयर्स सबसे ज्यादा खरीद तथा बेच सकते है |  इसके आलावा दूसरा यह कारण है कि ये थर्टी कम्पनी सबसे बड़ी कंपनिया  होती है इनका मार्किट कैप स्टॉक एक्सचेंज मे सूचीबद्ध सभी शेयर्स का लगभग आधा होता है |

तीसरा कारण है कि ये थर्टी कंपनिया तेरह अलग अलग सेक्टर से चुनी जाती है और ये तीस कंपनिया अपने सेक्टर मे सबसे बड़ी मानी जाती है | और इन थर्टी कंपनियों का चुनाव स्टॉक एक्सचेंज की इंडेक्स कमेटी द्वारा किया जाता है इस कमेटी  मे कई वर्गो के  लोग शामिल होते है जिनमे प्रमुख रूप से सरकार , बैंक और जाने माने अर्थशास्त्री शामिल हो सकते है |

sensex की गणना

 sensex फ्री-फ्लोट मार्किट-वेटेड स्टॉक मार्किट इंडेक्स है | इसका मतलव है कि किसी भी कम्पनी के बाज़ार पूंजीकरण मार्किट कैपिटलाइजेशन का वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाज़ार मे उपलब्ध है या हो सकता है | वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाज़ार पूंजी होगी और उसी के आधार पर sensex की गणना की जाती है आम तौर पर प्रमोटरो का हिस्सा अथवा अथवा सरकार का हिस्सा पूंजी मे से निकाल दे तो बाकि बची पूंजी बाज़ार मे बिकने के लिए उपलब्ध हो सकती है |

 

बाज़ार पूंजीकरण –

मार्किट कैपिटलाइजेशन को मार्किट कैप या बाज़ार पूंजी भी कहते है | बाज़ार पूंजीकरण को कम्पनी द्वारा कुल जारी शेयर्स की सख्या को प्रति शेयर बाज़ार भाव से गुना करके प्राप्त किया जाता है यदि एक कम्पनी ने दस –दस रूपये कीमत के एक लाख शेयर जारी किये है तो कम्पनी की पूंजी हुई दस लाख रूपये | और यदि  शेयर की बाज़ार मे कीमत साठ रु है तो कम्पनी की मार्किट कैप या बाज़ार पूंजी साठ लाख होंगी |

sensex मे उतार –चढ़ाव कैसे होता है ?

bse मे जो थर्टी कंपनिया लिस्टेड होती है sensex इन कंपनियों के शेयर्स मे आये हुए उतार –चढ़ाव पर नजर रखता है | यदि sensex मे लिस्टेड कंपनियों के बाज़ार मे शेयर्स के मूल्य यदि बढ़ रहे है तो sensex बढ़ जाता है और ऊपर चला जाता है | इसके आलावा अगर sensex मे लिस्टेड कंपनियों की बाज़ार मे शेयर्स के मूल्य गिर रहे है तो sensex भी गिरने लगता है |

शेयर्स के घटने और बढ़ने का मुख्य कारण ये होता है कि जो कंपनिया लिस्टेड होती उनका प्रदर्शन ऐसा है  अगर लिस्टेड कंपनियों के काम प्रोफिट वाले होंगे तो कम्पनी के शेयर्स के बढने के ज्यादा से ज्यादा सम्भावना होंगी और यदि कम्पनी किसी समस्या से गुजर रही है तो शेयर्स की ज्यादा मात्रा होने से शेयर्स के दाम घटते ही जायगे और sensex भी काफी घट जायगा |

30 कंपनियों का चयन –

sensex मे 30 कंपनिया शामिल की जाती इनका चुनाव स्टॉक एक्सचेंज की इंडेक्स कमेटी द्वारा किया जाता है | इंडेक्स कमेटी sensex मे शामिल करने के लिए थर्टी कंपनियों के चुनाव के वक्त निम्नलिखित बातो को ध्यान मे रख कर इन कंपनियों का चयन किया जाता है जो की कुछ इस प्रकार से है –

  1. पिछले एक साल के अंदर जितने दिन भी शेयर बाज़ार खुला होता है उन सभी दिनों मे उस कम्पनी के स्टॉक का खरीदा और बेचा जाना अनिवार्य होता है | इसके आलावा उस कम्पनी के शेयर कम से कम एक साल या उस से अधिक समय से स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होने चाहिए |
  2. इसके आलावा कंपनियों का चयन करते वक्त कमेटी द्वारा उन कम्पनी के हर दिन की ओसत ट्रैड की सख्या और वैल्यू के हिसाब से ये कंपनियां देश की सबसे बड़ी एक सौ पचासवीं कंपनियों मे अवश्य होनी चाहिए |

टॉप 30 कंपनिया

अब मे आपको bse sensex मे लिस्टेड टॉप थर्टी कम्पनीयो के बारे मे बताती हु bse मे सबसे पहले इन 30 कंपनियों को 1986 इसवी मे शामिल किया गया था और कंपनिया वितीय रूप से काफी मजबूत होती है और इनके शेयर्स की माग बाज़ार मे हमेशा बनी रहती है | इन टॉप थर्टी कंपनियों के नाम है –

  1. अदानी बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र लिमिटेड |
  2. एशियन पेंट्स लिमिटेड |
  3. एक्सिस बैंक लिमिटेड |
  4. बजाज ऑटो लिमिटेड ऑटोमोबाइल |
  5. भारती एयरटेल लिमिटेड दूरसंचार |
  6. सिप्ला लिमिटेड |
  7. कोयला इंडिया लिमिटेड |
  8. डा. रेड्डीज लेबोरेट्रीज लिमिटेड |
  9. HDFC बैंक लिमिटेड |
  10. हीरो मोटोकार्प लिमिटेड
  11. हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड |
  12. आवास विकास वित्त निगम लिमिटेड |
  13. आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड |
  14. इन्फोसिस लिमिटेड |
  15. ITC लिमिटेड |
  16. कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड |
  17. लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड |
  18. ल्यूपिन लिमिटेड |
  19. महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड |
  20. मारुती सुजुकी इंडिया लिमिटेड |
  21. NTPC लिमिटेड
  22. तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड |
  23. पॉवर ग्रिंड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड |
  24. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड |
  25. स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया |
  26. सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड |
  27. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड |
  28. टाटा मोटर्स (साधारण ट्रक )
  29. टाटा मोटर्स लिमिटेड |
  30. टाटा स्टील लिमिटेड |
  31. बिप्रो लिमिटेड |

sensex के फायदे –

अब हम आपको sensex के कुछ महत्वपूर्ण फायदों के बारे मे बताते है जो की इस प्रकार से है –

  1. sensex का सबसे बड़ा फायदा ये होता है की निवेशक इसके द्वारा बाज़ार मे होने वाले भविष्य के परिवर्तनों को जान सके और समझ सके और उसके हिसाब से अपना पैसा बाज़ार मे सही तरीके से निवेश कर सके |
  2. sensex का दूसरा फायदा ये है की जब sensex का रेट बढ़ता है तो इसमे ज्यादा से ज्यादा निवेशक आने लगते है और जव ज्यादा निवेशक कम्पनी मे पैसा लगायेंगे तो कम्पनी grow करती है |
  3. जब sensex शेयर बाज़ार मे ऊपर जाता है तो देश मे बहुत से बाहरी निवेशक आने लगते है और जब वह भारतीय कंपनियों मे पैसा लगाते है तो रुपए मे तेजी आयगी और रुपया विदेशी मुद्रा के मुकाबले मे मजबूत होता है और जब रुपया मजबूत होता है तो इससे चीजे सस्ती होने लगती है |

निष्कर्ष –

फ्रेंड्स , ये था sensex kya hai इस विषय पर हमारा आर्टिकल अगर आपको पसंद आया तो इसे अपने फ्रेंड्स के साथ जरुर शेयर करे

धन्यवाद |

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