Technical SEO Kya Hai और कैसे करे? Best Guide 2021

Technical SEO Kya Hai

Hello दोस्तों क्या आप जानते हैं की Technical SEO Kya Hai?

क्या आप जानते हैं कि वह कौन से factors हैं जो technical SEO को प्रभावित करते हैं?

नही जानते?

कोई बात नही| आज हम आपको इस article detail से बताएंगे की Technical SEO kya hai और Technical SEO factors कौन से हैं|

लोग अक्सर On Page SEO और Off Page SEO के चक्कर में यह भूल जाते हैं की web page की ranking में Technical SEO का भी यहम योगदान होता है|

ऐसे बहुत से website owners हैं जो अपनी site का On Page SEO और Off Page SEO तो सही से कर लेते हैं लेकिन फिर भी उनकी यह problem रहती है की उनकी site rank नही कर रही है|

इसका कारण क्या है?

Technical SEO! जी हाँ आपने सही सुना|

जी हाँ अगर आपकी website proper SEO करने के बाद भी rank नही कर रही है तो इसका मतलब यह की आपकी website को technical SEO करने की ज़रूरत है|

चलिए जानते हैं Technical SEO Guide में की Technical SEO Kaise Kare in Hindi……

Technical SEO website के technical components को optimize करने की एक प्रकिया है जो की search engine result page में website को organic ranking में सुधार कर सकता है|

Website का technical SEO करने में बहुत से factors को ध्यान में रखा जाता है जिसमे बहुत से factors शामिल हैं जैसे की:

  • Speed Optimization
  • Redirects
  • 4XX Error Pages
  • Responsiveness
  • Indexibility
  • Crawlability आदि|

Technical SEO को यह सुनिश्चित करने का तरीका माना जा सकता है कि website को search engine bots द्वारा बिना किसी error के आसानी खोजा सके ताकि website की ranking में पर कोई बुरा प्रभाव ना पड़े| 

Search engines SERP में web pages की ranking के लिए algorithms का उपयोग करते हैं|

Google के algorithm में 200+ ranking factors हैं जिसमे technical SEO भी शामिल है|

अगर web masters अपनी site के On-Page Optimization, Off-Page Link Building और Technical SEO को अच्छी तरह से कर लेते हैं तो उनकी website के Google SERP में top पर rank करने के chances बढ़ जाते हैं|   

Technical SEO क्यों ज़रूरी है?

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से आपको अपनी website का technical seo करना बहुत ज़रूरी हो जाता है|

  • बेहतर तरीके से किया गया Technical SEO SERPs में आपकी website की ranking को boost करता है|
  • Technical SEO आपकी website के conversion rates, sales और lead generation को प्रभावित करता है|
  • Technical SEO आपको अपने competitors के साथ प्रतियोगिता करने में मदद करता है|
  • Technical SEO आपके website पर आने वाले visitor’s के काम और निर्णयों कप प्रभावित करता है|
  • अच्छी Technical SEO practice आपको अपने website से बेहतर ROI प्राप्त करने में मदद करता है|

Technical SEO Checklist

आपने कई बार ऐसा सुना होगा की Technical SEO करना एक मुश्किल काम है और इस काम के लिए developers की जरूरत होती है|

लेकिन ऐसा बिलकुल भी नही है|

Technical SEO में कुछ basic techniques हैं जिन्हें कोई भी बड़ी सरलता से करके अपने site के Technical SEO issue को fix कर सकता है|

इस Technical SEO tutorial में हम आपको ऐसा technical optimization techniques के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप बिना किसी expert की सहायता लिए बिना अपनी site में follow कर सकते हो|

10 Technical SEO Checklist

1. Website का Technical SEO Audit करें

Technical SEO करने का सबसे पहला step यह है की आपको अपने website का Technical SEO Audit करना होगा|

Website audit करने से आपको यह जानकरी मिल जाएगी की आपकी website में क्या technical issue हैं और कैसे उन्हें ठीक कर सकते हैं|

Technical SEO Audit करने के लिए आप Screaming Frog, Deep Crawl, SEOClarity जैसे website technical audit tools का इस्तेमाल कर सकते हो|

अगर आप अपनी website में technical error को ठीक नही करते हो इससे crawler आपकी website को ठीक से crawl नही कर पायेगा जिससे आपकी website के pages की crawling, indexing और ranking पर बुरा प्रभाव पड़ेगा|

2. Broken Link को Fix करें

आपके website में खराब link structure search engine और user दोनों के लिए एक बुरे page experience का कारण बन सकता है|

अगर आपके web page में user या search engine किसी link पर click करता है और आपका सही web page नही खुलता है तो यह बहुत निराशाजनक हो सकता है|

Web page में वो links जिनपर click पर exact page नही खुलता तो उन links को broken links कहा जाता है|

अपनी website में broken links check के लिए आपको नीचे दिए गये इन factors को ध्यान में रखना चाहिए:

  • links जो 301 या 302 redirect show कर रहे हैं
  • links जो 4xx page पर जाते हैं
  • Orphaned pages

Broken links को fix करने के लिए आप अपने web page में links को update कर सकते हैं या उन्हें page में remove कर सकते हैं|   

3. Mobile-Friendly Site बनाए

जैसा की आप जानते हैं की आज दुनिया में 50% से ज्यादा लोग internet पर browsing करने के लिए mobile का इस्तेमाल करते हैं|

इस कारण से Google में mobile indexation को एहमियत देना शुरू कर दिया है|

इसलिए आपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है की आपकी website mobile-friendly optimized हो|

यह आमतौर पर site के design, structure, speed और performance पर आधारित होता है|

आप Google Mobile Friendly test का उपयोग कर के यह check कर सकते हो की आपकी website mobile-friendly है या नही|

Google Mobile Friendly Test

Mobile-friendly website कैसे बनाए के बारे में detail से जानने के लिए आप हमारे इस article को ज़रूर पढ़ें “Mobile-friendly website kaise banaye“.

4. Robots.txt File बनाए

Robots.txt file website में वो instructions होती हैं जो crawler को यह बताती है की आपकी website को किस तरह crawl करना है|

हर website का अपना “crawl budget” होता है|

Crawl budget वो time होता है जिसमे एक web crawler आपकी website के कुछ pages को crawl करके index करता है|

हर website का अपना अलग crawl budget होता है|

इसलिए आपके लिए यह ज़रूरी हो जाता है web crawler आपके website के ज्यादा-से-ज्यादा pages को एक बार में crawl कर के index करे|

नीचे कुछ URL दिए गये हैं जिन्हें आपको robots.txt file में exclude करना होगा:

  • Temporary files
  • Admin Panel
  • Checkout Pages
  • Search Related Pages  
  • Robots.txt file के बारे में detail article पढने के लिए “Robots.txt file kya hai” पर click करें|
Robots.txt file example

5. Website की Loading Speed बढ़ाए

Slow website user के page experience पर बुरा प्रभाव डालती है|

Slow loading site किसी भी user को पसंद नही आती है|

इसलिए आपको अपनी site की loading speed को बढ़ाने की ज़रूरत है|

Website की loading speed बढ़ाने के लिए आप नीचे दिए गये सुझावों को देख सकते हैं:

  • Image optimize करें
  • CDN का इस्तेमाल करें
  • WEBP format image का उपयोग करें
  • LazyLoad enable करें
  • CSS और Javascript का उपयोग करें
  • Minify CSS & Javascript
  • Reduce Render Blocking 
  • GZIP compression enable करें
  • Fonts optimize करें

Website speed को improve करने के लिए आप caching plugins का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमे में से WP Rocket best caching plugin है|

Website speed को तेज़ कैसे करे जानने के लिए “website loading speed कैसे बढ़ाए” इस पर click करें|

6. Website XML Sitemap बनाए

XML sitemap search engine को आपके site structure के बारे में बताता है और यह भी बताता है की आपके websiteके किन pages को SERP में index करना है|

आपको sitemap से कुछ चीजों को बाहर रखना है जिसकी list नीचे दी गयी है:

  • URL को 301 redirection हो
  • URL जिनमे no-index या canonical tag हो
  • URL जिनमे 4xx status हो
  • Duplicate content वाले page

आप Google Search Console में अपनी website की index coverage report देख सकते हो जिसमे आप अपने sitemap की सभी index error के बारे में जान सकते हो|

Index Coverage Report

7. अपनी Website के Duplicate Content को Delete करें

आपकी website पर duplicate या thin content नही होना चाहिए|

Website पर duplicate content बहुत से कारणों की वजह से हो सकता है जैसे:

  • page replication
  • site पर scraped या copied content का होना
  • website के बहुत सारे version होना

यह बात बहुत ज़रूरी है की आप Google को सिर्फ अपनी site के एक ही version को index करने की अनुमति दे|

जैसे की search engine नीचे दी गयी सभी domains को अलग-अलग site के रूप में देखता है|

  • https://cashflowindia.com
  • https://cashflowindia.com
  • https://cashflowindia.com

आप नीचे दिए गये तरीकों का इस्तेमाल करके अपनी site के duplicate content को fix कर सकते हैं:

  • अपनी site के primary version को 301 redirect set करे जिससे की आपके website अन्य version एक ही domain पर redirect हो| जैसा की आप नीचे हमारी website देख सकते हैं:
  • Duplicate content पर no-index और canonical tag apply करें
  • Google Search Console में website सही domain add करें
  • बेकार के duplicate content को website से delete करें

8. SSL Certificate Use करें

2014 में Google ने घोषणा की थी की HTTPS protocol अब एक ranking factor के रूप में काम करेगा|

जिसका मतलब है की आपकी site का URL http के बजाये https से शुरू होना चाहिए|

HTTPS का मतलब “Hyper Text Transfer Protocol Secure” होता है|

अगर आपकी site http protocol पर चल रही है तो उसे जल्दी से https पर migrate कर दीजिये|

आप SSL certificate का उपयोग करके अपनी site को https protocol में बदल सकते हैं|

Https आपके visitors के data को सुरक्षित करके यह सुनिश्चित करता है की user और server के बीच जो भी data का आदान-प्रदान हो रहा है उससे hacking या leak होने से बचाया जा सके| 

9. Schema Markup और Structured Data का इस्तेमाल करें

Structured data एक page और content के बारे में जानकरी प्रदान करने में मदद करता है|

यह search engine जैसे की Google को आपके content के context को समझाने में मदद करता है और आपकी ओरागानिक listing को SERP में rank करने में मदद करता है|

Structured data के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक “Schema Markup” है|

लोगों, स्थानों, संगठनों, local business और reviews आदि के लिए data structure करने के लिए कई अलग-अलग प्रकार के schema markup हैं|

आप अपनी site के लिए schema markup बनाने के लिए online schema markup generators का उपयोग कर सकते हैं जैसे की Merkle और Google का Strucutred Data Testing Tool का उपयोग कर सकते हो|

10. Page Experience Update करें(Core Web Vitals)

Google May 2021 से Page Experience को अपने ranking algorithm में शामिल करने जा रहा है|

जिसका मतलब यह की अब आपके web page की ranking Google के 200+ ranking algorithm के साथ इस बात पर भी निर्भर करेगी की आपका page experience कैसा है|

Google ने अपने Page Experience में मौजूदा search signal mobile-friendliness, safe-browsing, HTTPS-security और intrusive interstitial के साथ Core Web Vitals को भी शामिल करने की घोषणा कर दी है|

Google Core Web Vitals में मुख्य तीन ranking factors हैं:

LCP(Largest Contentful Paint) – यह आपके web page के largest contentful element की screen पर loading performance की जांच करता है| बेहतर page experience के लिए आपका LCP score 2.5 seconds से कम होना चाहिए|

FID(First Input Display) – यह web page और user के पहले interaction की जांच करता है| एक अच्छे page experience के लिए FID score 100ms से कम होना चाहिए|

CLS(Cumulative Layout Shift) – यह आपके web page के elements की visual stability की जांच करता है| 0.1 seconds या उससे कम CLS score page experience के लिए बेहतर माना जाता है|

अगर आप Core Web Vitals के बारे में ज्यादा जानना चाहतें हैं तो इस लिंक पर click करें “Core Web Vitals Kya Hai”?

निष्कर्ष: Technical SEO Kya Hai?

तो कैसा लगा आपको यह article?

हम आशा करते हैं की आपको यह article Technical SEO Kya Hai पसंद आया होगा|

अगर आप अपने blog को search engine की ranking में पहले page पर rank करवाना छतें हैं तो आपको Technical SEO को ज़रूर ध्यान देना पड़ेगा|

यदि आपको Technical SEO करने में कोई भी दिक्कत आ रही है तो आप Technical SEO Agency को hire कर सकते हैं|

लेकिन अगर आप चाहे तो हम भी आपको कम कीमत पर बेहतर Technical SEO Service प्रदान कर सकते हैं|

अगर आप On-Page SEO, Off-Page SEO, Local SEO और Technical SEO का अपनी website में सही तालमेल मिला लेते हैं तो आपकी website को Google के पहले page पर rank करने से कोई नही रोक पायेगा|

इसके अलावा अगर आप technical ज्ञान भी लेते हैं तो आपके SEO के लिए यह और ज्यादा बेहतर रहेगा|

अगर आपको यह blog post informative लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ ज़रूर share करें|

Vijay Kumar

CashFlow INDIA की स्थापना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Vijay Kumar ने की है। अपने दो ऑनलाइन और दो ऑफ़लाइन व्यवसायों के साथ असफल होने के बाद, उन्होंने रास्ते में सीखे गए सबक सिखाने के लिए CashFlow INDIA बनाया। CashFlow INDIA को लॉन्च करने के बाद से, Vijay ने जल्द ही रणनीतियों को प्रकाशित करके खुद के लिए एक नाम बना लिया, जिसका उपयोग मार्केटर अपने ऑनलाइन व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। CashFlow INDIA अब सबसे लोकप्रिय हिन्दी ब्लॉगों में से एक है।

Leave a Reply