Trading Kya Hai – Trading in Hindi

Trading kya hai

Hello , दोस्तों क्या आप जानते है कि Trading kya hai अगर आप नही जानते तो हम आपको आज इस आर्टिकल के माध्यम से ट्रेडिंग के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी देंगे जिससे की आपको ट्रेडिंग से संबधित समस्याओ को सुलझाने मे मदद मिलेगी तो चलिए शुरू करते है –

ट्रेडिंग का मतलव वैसे तो व्यापार होता है | लेकिन अगर मे आपको  साधारण भाषा मे कहु ,तो ट्रेडिंग का अर्थ – किसी भी बस्तु या सेवा को कम दाम मे खरीदना और फिर उसी वस्तु या सेवा का दाम बढ़ जाने पर उसे बेच देना ट्रेडिंग कहलाती है |

ट्रेडिंग का वैसे मुख्य कार्य ये होता है कि – जब हम किसी भी वस्तु या सेवा को खरीदते है तो उस सेवा से  कम से कम समय मे ज्यादा लाभ कमाना सही ट्रेडिंग कहलाती है |

उदारण के लिए अगर हम stock market मे मे यदि app किसी चीज को आप होलसेल मे रु 5000 मे खरीदते है और उसी सामान या वस्तु को आप बाद मे रु 7000 मे कस्टमर्स को बेच देते है | यह काम अगर आप रोजाना करते है  तो इसे ट्रेडिंग कहते है |  ऐसे ही बिलकुल ऐसे ही शेयर बाज़ार मे भी होता है जैसे अगर आप शेयर को खरीदते है और निशित समय के अंदर खरीदे हुए शेयर को खरीदे दाम से ज्यदा दाम मे बेच देना स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग कहलाता है |

कुछ लोगो का का मानना है कि ट्रेडिंग काफी रिस्की काम  है क्युकी इसमें यह कोई नही जानता कि कुछ समय बाद शेयर के भाव मे क्या मूवमेंट आयगी |

स्टॉक मार्किट मे ट्रेडिंग क्या है

ट्रेडिंग शब्द स्टॉक मार्किट मे बहुत ही ज्यादा यूज़ होने  वाला शब्द है | इस शब्द का हिंदी मे अर्थ “ व्यापार” होता है | जब हम किसी सेवा को इस उदेश्य के साथ खरीदते है कि उस वस्तु और सेवा को कुछ समय तक रखने के बाद उसे बेच कर हम उस से लाभ प्राप्त करेगे तो इस कार्य को ट्रेडिंग कहा जा सकता है | जब भी कोई व्यक्ति स्टॉक मार्किट मे कोई स्टॉक खरीदता है तो उस व्यक्ति का मुख्य उदेश्य होता है कि उस स्टॉक भाव उपर जाने के बाद वो उस स्टॉक को बेच कर लाभ कमा सके | इस लाभ कमाने की पूरी प्रक्रिया को ट्रेडिंग कहते है |

ट्रेडिंग के प्रकार -

Trading कई प्रकार की होती है पर मुख्य रूप से 3 प्रकार की ट्रेडिंग लोगो द्वारा काफी पसंद की जाती है जो की इस प्रकार से है –

1. Intraday Trading

शेयर मार्किट मे एक दिन या कुछ घंटो के लिए ट्रेडिंग सेक्शन के लिए पैसे लगाने को intraday ट्रेडिंग कहते है उदारण के लिए जैसे अगर आपने बाज़ार खुलते समय आपने एक शेयर मे पैसा लगाया और और आपको मनचाह मुनाफा मिल रहा है तो आप उस्सी समय शेयर खरीद कर बेच भी सकते है | लेकिन intraday ट्रेडिंग मे आपको शेयर उसी दिन खरीद कर बेचने पड़ते है नही तो शेयर मार्किट सेल ऑफ हो जाने पर आपके शेयर्स लोस हो जायगे |इटरा-डे ट्रेडिंग : ऐसी ट्रेडिंग होती है जो की एक दिन के अंदर ही पुरे कर लिए जाते है वो इंट्रा डे ट्रेडिंग कहलाती है | इंट्रा डे ट्रेडिंग मे स्टॉक को उसी दिन खरीद कर उसी दिन बेचने का कार्य किया जाता है |

2. Scalp Trading

scalper ट्रेडिंग ऐसे ट्रेड होते है जो कि खरीदने के कुछ मिनट्स के बीच ही बेच दिए जाते है | उन्हें ट्रेडिंग scalper कहा जाता है | इसमें ज्यादातर फाइव या ten मिनट्स के बीच शेयर्स खरीद कर बेच दिए जाते है | इस तरह के शेयर्स मे मुनाफा अधिक होता है | लेकिन इसमें मुनाफा ज्यादा तभी हो सकता है जब इसमें निवेश की गयी रकम ज्यादा हो इसमें नुकशान होने के भी ज्यादा चांस होते है क्युकी लगाई गयी रकम भी ज्यादा होती है |

3. Swing Trading

स्विंग ट्रेडिंग की प्रक्रिया कुछ दिन, हफ्तों या महीनो मे पुरे कर लिए जाते है | स्टॉक खरीदने के बाद निवेशक कुछ समय के बाद जैसे हफ्ते या महीने तक अपने पास रखते है उसके बाद स्टॉक्स का भाव बढने के बाद इंतजार करते है और जब सही भाव मिल जाता है तो उसे बेच देते है | कुछ लोगो की धारणा है की स्टॉक मार्किट एक खतरनाक खेल है जिसमे आदमी सिर्फ डूबता ही जाता है पर ऐसा बिलकुल भी नही है यह धारणा एकदम गलत है अगर हम सही तरीके और सयंम के साथ स्टॉक मार्किट मे निवेश करे तो व्यक्ति इस फील्ड मे काफी मुनाफा कमा सकता है | बस इस फील्ड मे शुरुआत करने से पहले इस बारे मे ज्यादा से ज्यादा जानकारी होनी चाहिए |

मार्किट के प्रकार –

शेयर मार्किट मे मार्किट मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है –

1. प्राइमरी मार्किट

प्राइमरी मार्किट वह मार्किट होते है जहाँ पर शेयर अपने अस्तित्व मे आते है | प्राइमरी मार्किट मे कम्पनी अपने शेयर के प्राइज स्वयं  तय करके जनता को खरीदने के लिए ऑफ़र करती है | इसमें पब्लिक या निवेशक सीधे कम्पनी से शेयर खरीदते है बाद मे  यह शेयर्स सेकेंडरी मार्किट मे ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाते है |  

2. सेकेंडरी मार्किट

प्राइमरी माकेट मे शेयर बेचे जाने के बाद वह शेयर सेकेंडरी मार्किट मे ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होते है सेकेंडरी मार्किट मे बिना फर्स्ट issu के शेयर खरीदे और बेचे जाते है | उदारण के लिए अगर आपको किसी  कम्पनी से शेयर खरीदने है तो आप डायरेक्ट उस कम्पनी के पास नही जायगे आप अपने स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से अपनी बिड लगाकर शेयर खरीदेगे |

स्टॉक ट्रेडिंग कैसे शुरू करे –

स्टॉक ट्रेडिंग शुरू करने के लिए हमे तीन  तरह के अकाउंट की जरुरत पडती है | यह दिन तरह के अकाउंट निम्नलिखित है –

1. ट्रेडिंग अकाउंट

ट्रेडिंग अकाउंट वह अकाउंट होते जिसमे हम शेयर्स को खरीद और बेच सकते है | इसके जरिये ही हम खरीद या बिक्री का आर्डर, स्टॉक , एक्सचेंज तक भेज सकते है | निवेशक को ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत पडती है |

2. Demat अकाउंट

Demat account से हमारा अभिप्राय है – जिस प्रकार से हमारे बैंक अकाउंट होते होते है और उसमे पैसा रख सकते है ठीक उसी ही प्रकार हम demat अकाउंट मे अपने शेयर को रख तथा बेच सकते है | demat अकाउंट का यूज़ ज्यादातर लोगो द्वारा अपने शेयर्स को खरीदने और बेचने के लिए किया जाता है |

जब भी हम अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकालते है तो वह हमको भोतिक रूप मे मिलते है लेकिन जब तक वह बैंक मे होते है वो एक डिजिटल करेंसी होती है जब भी डेबिट कार्ड से कही पर पेमेंट करते है तो ये भी डिजिटल पेमेंट यानि की इलेक्ट्रॉनिक मनी ट्रासफर का एक प्रारूप हम उपयोग करते है

ठीक इसी प्रकार जब हमारे demat अकाउंट मे शेयर्स होते है तो हम उनको भी किसी दुसरे व्यक्ति के demat अकाउंट मे digitally ट्रासफर कर सकते है ,  इस तरह से हमे शेयर्स को भोतिक रूप मे रखने की आवश्यकता नही पडती है |

3. बैंक अकाउंट

शेयर्स की खरीदारी और विक्री के लिए हमे ट्रेडिंग अकाउंट मे पैसा जमा करना पड़ता है जिसके लिए आपको अपना एक बैंक अकाउंट भी लिंक करवाना पड़ता है | इसके द्वारा आपको जब भी पैसे की जरुरत हो तो आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट से पैसे बैंक अकाउंट मे पैसे ट्रांसफर कर सकते है | ट्रेडिंग अकाउंट के साथ आप कोई भी बैंक अकाउंट लिंक करवा सकते है इसके लिए कोई भी अलग से बैंक खाता खोलने की जरुरत नही होती है |

 

निष्कर्ष –

फ्रेंड्स , तो यह था हमारा आर्टिकल trading kya hai इस विषय के ऊपर | उम्मीद है कि आपको हमारे आर्टिकल से  ट्रेडिंग से सम्बधित सवालों के जवाब ढूढने मे मदद मिलेगी | अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आये तो इसे अपने फ्रेंड्स के साथ जरुर शेयर करे

धन्यवाद |

  

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